तुम

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उसके दबे पाँव पायल की छनक
मेरे हर खट्टी मीठी बात पे गूँज उठी |
मधुर एक सागर की लहर बनके
मेरे दिल के कागज़ पे गज़ल बन गयी |
छम छम एक राग वो, कभी मधुर, कभी नटखट
वो मेरे जिंदगी की हसीन तकदीर बन लिखी |
कुछ इस तरह तुम्हारे रंगों से उल्फ़त हो गया
की कभी आप, कभी तुम, तो कभी हम हो गये |

-Roshni Rajshekhar Nair

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You.

Soft shades of dark blue,
Synced with kaleidoscopic vision
Flashed out a light, You.

-Roshni Rajshekhar Nair